positive life

दोस्तों में इस ब्लॉग के द्वारा सुखी जीने के कुछ तरीके शेयर करने जा रहा हूँ इन तरीको को जीवन में उपयोग करने से कुछ हद तक तनाव से मुक्त हो सकते है ।


  •  किसी भी मनुष्य के जीवन में जो भी घटनाये होती है । उनसे किसी न किसी रूप से लाभ ही होता है । तो सदेव परोक्ष अथवा अपरोक्ष लाभ के बारे में ही सोचे ।


  • भूत कल में की हुई गलतियों का पश्चाताप न करे बल्कि गलतियों से सबक ले तथा भविष्य की चिंता न करे । क्योकि आने वाले समय में क्या होना है यह किसी को पता नहीं । भूत काल तथा भविष्य काल का आधार वर्तमान ही है । इसलिए वर्तमान के बारे में सोचे । क्योकि आज का दिन ही आपके हाथ में है । अगर आप आज रचनात्मक कार्य करगे तो कल की गलतियाँ मिट जाएँगी और भविष्य में भी अवश्य लाभ होगा ।


  • इस दुनिया में हरेक इंसानों के पास अपनी - अपनी विशेषताएं होती है । इसलिए अपनी तुलना दूसरो से कर चिंतित नहीं होना चाहिए । क्योकि आप अपनी विशेषताओं के कारण आप एक अनोखें व्यक्ति हो । इस दुनियां में आप जैसा कोई दूसरा नहीं है ।


  • जो निंदा करने वाला है वही आपका मित्र है । जो आपकी  कमज़ोरियो को दूर करने में मदद करता है । कुछ   कमज़ोरियो ऐसी होती है जिसकी तरफ हमारा ध्यान नहीं जा पता है ।

  •  इस दुनिया सब एक - दूसरे को किसी न किसी रूप से दुःख देते ही है । इसलिए दुःख देने वालो को माफ़ कर दो । तथा उसे भूल जाओ ।


  • सभी के जीवन में कुछ न कुछ समस्याऐ रहती है । उन समस्याऐ एक साथ सुलझाने का प्रयत्न नहीं करे । बल्कि एक समय में एक समस्या का समाधान करे ।


  •  अपनी चिन्ताओ से मुक्त होने के लिए हमें दूसरो के सहयोगी बनने का प्रयत्न करना चाहिए ।


  •  आने वाली समस्याओ को देखने का द्रष्टिकोण बदले । द्रष्टिकोण को बदलने से आप दुःख को सुख में परिवर्तन कर  सकेंगे ।


  •  जिन परिस्थिति को आप बदल नहीं सकते उसके बारे में सोचकर दुखी न हो । सदेव ध्यान रहे की समय एक श्रेष्ट दवाई है ।


  •  यह सारी स्रष्टि एक विशाल नाटक के समान है । हम इस स्रष्टि रूपी नाटक में एक अभिनेता के रूप में कार्य करते है । हरेक अभिनेता अपना श्रेष्ट अभिनय अदा कर रहा है । इसलिए किसी के अभिनय को देखकर चिंतित न हो ।


  • बदला न लो लेकिन पहले स्वयं को बदलने का प्रयत्न करो । बदला लेने की इच्छा से तो मानसिक तनाव ही बढता है । स्वयं को बदलने का लक्ष्य रखने से जीवन में प्रगति होती है ।

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